प्रदूषण तो सिर्फ दीवाली पे होता है।

साहेबान…. मेरहबान…. कदरदान ….
आ गया है दीवाली का त्योहार
और साथ मे सुप्रीम कोर्ट का फ़रमान
तो अब आप पटाखे फोड़ेंगे बिफोर 10 एंड आफ्टर आठ।

अरे भाई क्योंकि दीवाली होती ही है प्रदूषण फैलाने के लिए। (ऐसा कुछ बुधुजीवियो का मानना है।)
पूरे साल एयर कंडीशन में बैठने वाले लोग दिवाली आतें ही आपको प्रदूषण और एनवायरनमेंट पे लेक्चर देना शुरू कर देंगे।
और तो और सुप्रीम कोर्ट भी उनके कदम से कदम मिला के हर साल एक नया नियम लेके आ जाती है। भाई टाइम बहुत है हमारे कोर्ट के जज के पास।
भले ही कोई इंसान बिना न्याय के पूरी ज़िंदगी गुजार दे, क्या फर्क पड़ने वाला है। भाई दिवाली और आतंकवादी की फांसी रोकने के लिए कोर्ट 2 बजे रात को भी खुल सकता है।

हा, तो आते है दीवाली पे।
पूरे साल आप खूब AC चलाओ कोई बात नही। ओज़ोन के खत्म होने से घंटा कोई फर्क पड़ने वाला है (बस थोड़ा कैंसर होगा और क्या)। प्रदूषण तो सिर्फ दीवाली पे होता है।
चुनाव जीतने के बाद आप करोड़ो के पटाखे जलाओ कोई बात नहीं, प्रदूषण तो सिर्फ दीवाली पे होता है।
पूरे साल आप अपनी गाड़ी चलाओ प्रदूषण फैलाओ, कोई बात नहीं, प्रदूषण तो सिर्फ दीवाली पे होता है।
संसद में करोड़ो बेकार जाते हैं, जब हंगामा होता कोई बात नहीं, एयर कंडीशनर चलते रहते हैं जबकि कोई काम भी नही होता है कोई बात नही, प्रदूषण तो सिर्फ दीवाली पे होता है।
पूरे 364 दिन आप कितना भी प्रदूषण फैला लो, कोई बात नहीं, प्रदूषण तो सिर्फ दीवाली पे होता है।
364 दिन प्लास्टिक इस्तेमाल करो कोई कानून नहीं, प्रदूषण तो सिर्फ दीवाली पे होता हैं।
पेड़ काट फैक्टरी लगाओ, कोई बात नही
प्रदूषण तो सिर्फ दीवाली पे होता हैं।
प्रदूषण तो सिर्फ दीवाली पे होता है।
प्रदूषण तो सिर्फ दीवाली पे होता है।

इस बार दो पटाखे अधिक जलाएंगे,
खूब दीवाली मनाएंगे।

By the way Happy Diwali to All

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